पंजाब सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत 1.91 लाख से अधिक विद्यार्थियों को ₹219 करोड़ जारी: डॉ. बलजीत कौर

पंजाब सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत 1.91 लाख से अधिक विद्यार्थियों को ₹219 करोड़ जारी: डॉ. बलजीत कौर

Punjab Government Releases

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मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान 2.70 लाख विद्यार्थियों को कवर करने का लक्ष्य

हाशिए पर स्थित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार प्रयास

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

चंडीगढ़, 21 मार्च: Punjab Government Releases, सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के हाशिए पर स्थित वर्गों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान 1,91,429 अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए ₹219 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मान सरकार की अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

योजना के मानवीय पक्ष को उजागर करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की एक किरण है। कई परिवारों के लिए यह योजना बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपना भविष्य सुनहरा बनाने का अवसर प्रदान कर रही है। हमारी सरकार का दृढ़ संकल्प है कि कोई भी योग्य विद्यार्थी केवल आर्थिक कमी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे।”

अधिक जानकारी साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान 2.70 लाख विद्यार्थियों को योजना के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक 2,72,093 विद्यार्थियों से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होना योजना के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता और विश्वास को स्पष्ट करता है।

कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि योजना के तहत विद्यार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे पिछले वर्षों की तुलना में लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

“यह प्रयास पंजाब के युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।”